आम आदमी पार्टी का आरोप प्रदेश में पेंश्नर का आर्थिक शोषण सरकार महंगाई राहत पेंशनरों को महीनों विलंब से दे रही -म.प्र. पुनर्गठन आयोग 2000 की धारा 49 (6) की गलत व्याख्या , पेंशनरों एवं परिवार पेंशनरों को आर्थिक हानि पहुंचाई जा रही है।

 

भोपाल/नीमच। प्रदेश में हाल ही में महंगाई राहत की घोषणा की गई है। इसमें पेंशनरों को भी 58 प्रतिशत महंगाई राहत की घोषणा तो कर दी गई है लेकिन आज दिनांक तक सरकार द्वारा आदेश जारी नहीं किए गए। हर बार की तरह इस बार भी म.प्र. पुनर्गठन आयोग 2000 की धारा 49 (6) की आड़ में आपसी सहमति का सहारा लेकर प्रदेश के पेंशनरों की मंहगाई राहत देने में हानि पहुंचाई जा रही है।इस पर आम आदमी पार्टी ने खुलासा किया है और सरकार को पत्र प्रेषित किया है।

आम आदमी पार्टी के पेंशनर प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष बालचंद वर्मा ने सरकार को पत्र प्रेषित कर अवगत कराया कि आपकी सरकार द्वारा बार बार म.प्र. पुनर्गठन आयोग 2000 की धारा 49 (6) की आड़ में आपसी सहमति का सहारा लेकर प्रदेश के पेंशनरों की मंहगाई राहत के आदेश केन्द्रीय तिथि से कभी आठ माह तो कभी छः माह विलम्ब से जारी किए जाते है। जिसके कारण आपकी सरकार प्रदेश के पेंशनरों का आर्थिक शोषण करती आ रही है। तथा वर्तमान में भी आपके द्वारा छः माह विलम्ब से 58 प्रतिशत मंहगाई राहत की घोषणा तो कर दी गई, किन्तु आज दिनांक तक आपकी सरकार द्वारा आदेश जारी नहीं किए गए। जो खेद का विषय है।

पूर्नगठन आयोग में कहीं नहीं सहमति का उल्लेख-

श्री वर्मा ने पत्र में कहा कि मेरे द्वारा म.प्र. पुनर्गठन आयोग 2000 की धारा 49 की छठी अनुसूची का अध्ययन किया, जिसमें आपसी सहमति का कहीं भी उल्लेख नहीं है। क्या धारा 49 (6) में यह भी उल्लेख किया गया है कि केन्द्रीय तिथि से आठ या छः माह बाद प्रदेश के पेंशनरों को मंहगाई राहत स्वीकृति आदेश जारी किए जावें। आपकी सरकार के नौकरशाहों द्वारा म.प्र. पुनर्गठन आयोग 2000 की धारा 49 (6) की गलत व्याख्या कर पेंशनरों एवं परिवार पेंशनरों को आर्थिक हानि पहुंचाई जा रही है।

एक बार सभी पंजीकृत पेंशनर संघों के प्रमुखों के साथ म.प्र. पुनर्गठन आयोग 2000 की धारा 49 (6) पर परिसंवाद कर अंतिम निर्णय लेने का कष्ट करें। ताकि प्रदेशों के पेंशनरों एवं परिवार पेंशनरों का आर्थिक शोषण बन्द हो सके। प्रदेश के पेंशनरों ने अपने जीवन का अमूल्य समय प्रदेश के सुनहरे भविष्य निर्माण के लिए दिया था। प्रदेश की मिट्टी में प्रदेश के पेंशनरों का खून पसीना भी मिला हुआ है। आज प्रदेश के पेंशनर जीवन के अंतिम पड़ाव पर कुछ बीमारियों से जुझ रहे, तथा कुछ आर्थिक तंगी महसूस कर रहे है। श्री वर्मा ने कहा कि आपकी सरकार के नौकरशाह प्रदेश के पेंशनरों द्वारा प्रेषित पत्रों की भी अनदेखी करते आ रही है।

एक सप्ताह में आदेश जारी की मांग-

श्री वर्मा ने पत्र प्राप्ति के एक सप्ताह के भीतर मंहगाई राहत के आदेश केन्द्रीय से जारी करवाने का कष्ट करें।श्री वर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदेश व्यापी आन्दोलन करने के साथ ही विवश होकर सरकार के विरूध्द सक्षम न्यायालय में प्रकरण दायर करना पडेगा। यह जानकारी आम आदमी पार्टी के जोन मीडिया प्रभारी प्रकाश दोसावत द्वारा दी गई।

Share:

संबंधित समाचार

Leave a Comment